भ्रूण हत्या अपराध,कानून में कठोर दण्ड का प्रावधान

Uttar Pradesh
Spread the love

jagranujala.com, मुरादाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरादाबाद के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश श्री राघवेन्द्र के दिशा निर्देशन में ंआज कोविड-19 आपदा को दृष्टिगत रखते हुये एवं सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुये अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में मैथोडिस्ट गर्ल्स इण्टर कालिज,मुरादाबाद परिसर में महिलाओं/बालिकाओं को उनके अधिकारों से जागरूक करने के उददेश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरादाबाद के तत्वाधान में एक ंविधिक साक्षरता/ जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान जनपद कें विभिन्न ग्रामों/विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों एवं कालेजों /कारागार में विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में भी जागरूक किया गया। अवगत कराया गया कि हमारे देश में बालिका भ्रूण हत्या की कुप्रथा बढ़ती जा रही है, जिसमें जन्म लेने से पूर्व ही यह जानकारी होने पर कि पैदा होने वाला बच्चा एक लड़की है, समय से पूर्व ही गर्भपात करा दिया जाता है, जो अत्यन्त चिन्ता का विषय है, इससे पुरूषों और महिलाओं का अनुपात समाज में कम हो रहा है, जो निश्चित रूप से सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर रहा है और यह हमारी महिलाओं के प्रति गलत सोच को भी दर्शाता है। पुरुष ही नहीं महिलाएं भी इसमें बराबर की भागीदार हैं। आधुनिक युग में लड़का और लड़की में कोई भेद-भाव नहीं रहा है। लड़कियां भी लड़कों की भांति ही अर्जित अधिक प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। हमारे धार्मिक ग्रन्थों में भी पुरुषों और महिलाओं में कोई भेद नहीं किया गया है, प्रत्येक धर्म में इस प्रकार की भ्रूण हत्या निषेधित है और यह अपराध है, जिसके लिए कानून में कठोर दण्ड का प्रावधान किया गया है।


इस अवसर पर अधोहस्ताक्षरी द्वारा विभिन्न अक्षमताओं से ग्रस्त महिलाओं एवं परित्यक्त महिलाओं व किसी भी प्रकार से पीडित महिलाओं को उनके अधिकारों से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की जानकारी दी गई और उनके मूल अधिकारों के वारे में भी वताया गया। इसके अतिरिक्त उक्त सम्बन्ध में विभिन्न विधिक प्राविधानों से भी अवगत कराया गया। जिसमें दहेज प्रथा, दहेज हत्या, बाल बिवाह, घरेलू हिंसा ,एसिड अटैक, अपहरण, वलात्कार, तीन तलाक,पीडिता-क्षतिपूर्ति, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971, पी0एन0डी0टी0 एक्ट, लैगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012, महिलाओं का यौन अत्पीडन रोकथाम,निषेध निवारण अधिनियम 2013 मातृत्व लाभ अधिनियम,1961, वृद्वा पेंशन,नारी सशक्तिकरण, मुख्य बिषय रहे ।

इस अवसर अधोहस्ताक्षरी द्वारा बताया गया कि कोविड-19 में जो बच्चे अपने माता पिता को खो चुके हैं उनके जीवन को संवारने के उ0प्र0 सरकार की तरफ से मुख्य मंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंम्भ किया गया है। यह भी अवगत कराया गया कि इस तत्परता का मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुॅचाना है और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है इस योजना के तहत अनाथ हुये बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्थाओं का पूरा ख्याल शासन के द्वारा रखा जायेगा ।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरादाबाद द्वारा स्वच्छता के संवंध में एवं कोविड-19 आपदा से बचने के उपायों से भी जागरूक किया गया और कहा गया कि हमें इस आपदा से बचने के लिये अपने मुॅह पर मास्क/गमछा/रूमाल अवश्य लगायेैं और बार बार अच्छी तरह से हाथ धोना चाहिए । हमारे जीवन के लिए साफ वातावरण का होना आवश्यक है और बार बार अच्छी तरह से हाथ धोना चाहिए । आस पास सफाई पर ध्यान देना चाहिए।सचिव द्वारा यह भी अपील की गयी कि सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जाये और लक्षण उत्पन्न होने पर होम आईसोलेशन का पालन करेगें और इसकी सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी को देगें।
सचिव नीतिवान निगम द्वारा दिनॉक 11-12-2021 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के वारे में भी जानकारी दी और इससे होने वाले लाभों के बारे में वताया । इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरादाबाद नीतिवान निगम, वरिष्ठ लिपिक श्री शिवकुमार सक्सेना, लिपिक श्री फैज उर रहमान शमसी, श्री सतीश शर्मा जूडो प्रशिक्षक, सुविता गुरूम , महिला कल्याण विभाग से परामर्शदाता तनिषा दिवाकर प्रधानाचार्या श्रीमती डी0सुनीता सिंह,के अतिरिक्त कालेज के अन्य अध्यापिकायें और कालेज की छात्राओं एवं एन0सी0सी0 छत्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *