रंगमा..रंगमा..रंगमा..रे, प्रभु थारा ही रंग में रंग गयो रे

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खास बातें
• रिद्धि – सिद्धि भवन में मेडिकल के यूजी और पीजी स्टुडेंट्स ने की शांतिधारा
• प्रथम स्वर्ण कलश से अभिषेक का सौभाग्य मिला टीएमयू मेडिकल कॉलेज के स्टुडेंट् डॉ. ऋषभ जैन को
• प्रतिष्ठाचार्य श्री ऋषभ जैन बोले, जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य – मोक्ष प्राप्ति
• मेडिकल के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता सबका दिल

Jagranujala.com, मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के रिद्धि – सिद्धि भवन में उत्तम शौच के दिन प्रथम स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य टीएमयू मेडिकल कॉलेज के स्टुडेंट डॉ. ऋषभ जैन, द्वितीय स्वर्ण कलश का सौभाग्य डॉ. अंशुल जैन, तृतीय स्वर्ण कलश का सौभाग्य डॉ. आयुष भदोरा चतुर्थ स्वर्ण कलश करने का सौभाग्य डॉ. अर्पित देरिया को प्राप्त हुआ। श्रीजी की स्वर्ण कलश से शांतिधारा करने का सौभाग्य मेडिकल पीजी स्टुडेंट्स डॉ. मुदित जैन, डॉ. सागर जैन, डॉ. ओजस शाह, डॉ. सम्यक जैन, डॉ. अशय जैन, डॉ. नमन पारिख, डॉ. अनिकेत जैन, और रजत कलश से शांति धारा करने का सौभाग्य मेडिकल यूजी स्टुडेंट्स – सारांश जैन, सम्यक जैन, अनिकेत जैन, समर्थ जैन, विनित जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा और अभिषेक करने वालों को रजत कलश से सम्मानित भी किया गया। दिल्ली से आए सरस एंड पार्टी ने अपनी सुरीली आवाज पर… ओढ़ी रे चुन्दरिया प्रभु नाम की ….., मस्तकाभिषेक महामस्तकाभिषेक ….., वैरागी ओ सर्वस त्यागी, तुम्हें हम मिलके मनाएंगे….., टीएमयू की नगरिया सजी है, मुरादाबाद की नगरिया सजी है ….., रंगमा रंगमा रंगमा रे प्रभु थारा ही रंग में रंग गयो रे …., भजनों पर श्रावक और श्राविकाएं जमकर झूमे। सैकड़ों श्रावक और श्राविकाएं चंवर लिए हुए थे। इस दौरान श्रीमती ऋचा जैन, डॉ. अर्चना जैन आदि भक्ति नृत्य में लीन नजर आए। पूजा-अर्चना में कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, फर्सट लेडी श्रीमती बीना जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन, श्रीमती ऋचा जैन, एमजीबी श्री अक्षत जैन भी उपस्थित रहे। दूसरी ओर ऑडी में आयोजित कल्चरल इवनिंग प्रोग्राम्स में रेलवे मजिस्ट्रेट श्री विनय जयसवाल और सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्रीमती त्रिशा मिश्रा की बतौर मुख्य अतिथि गरिमाई मौजूदगी रही। तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल प्रो. एसके जैन ने अतिथियों स्मृति चिन्ह भेट किए। इस अवसर पर निदेशक प्रशासन श्री अभिषेक कपूर भी उपस्थित रहे।

टीएमयू मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की ओर से कल्चर इवनिंग में सृजन – झांकी हिंदुस्तान की... में मेडिकल के छात्र – छात्राओं की जबर्दस्त प्रस्तुति रही। इस धार्मिक एक्ट में भगवान महावीर के पांचों कल्याणक दर्शाए गए। एक्ट में संदेश दिया गया, अलग-अलग युगों में महापुरूषों और अचीवर्स ने तमाम चुनौतियों को स्वीकारते हुए अपने-अपने लक्ष्य प्राप्त किए हैं। बदलता स्वरूप और बदलते वक्त कभी भी उनके लक्ष्य में आड़े नहीं आए। एक घंटे के इस अविस्मरणीय सास्कृतिक प्रोग्राम में स्टुडेंट्स ने डॉक्टर्स, स्पोर्टस, आर्मी आदि के संकल्प, सेवा और समर्पण को बखूबी निभाया। डॉ. आयुष जैन, डॉ. अनिकेत जैन, डॉ. सम्यक जैन, डॉ.प्रियल जैन, डॉ. पलक जैन, नंदिनी ने अपनी-अपनी भूमिकाओं पर शानदार और जानदार परफोर्म किया। नंदिनी अवार्ड ऑफ द डे चुनी गई। जजों के पैनल में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या प्रो. श्यामोली दत्ता, रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा, टिमिट के निदेशक प्रो. विपिन जैन शामिल रहे। कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल प्रो. एसके जैन, प्रो. सीमा अवस्थी,  डॉ. प्रीथपाल सिंह, डॉ.आशीष, निदेशक हॉस्पिटल पीएंडडी श्री विपिन जैन, आदि की भी उपस्थिति रही। एमडी स्टुडेंट पलक जैन ने मूक-बघिर गाय का मार्मिक एक्ट किया। इस परफोर्मेंस के जरिए गाए की व्यथा सुनाई। भक्ति और आस्था के गीतों – यहां हर कदम-कदम पर धरती बदले रंग ... , तेरी मिट्टी में मिल जावां ... , कर हर मैदान फतह ... सरीखी गायन और नृत्य प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया। अंत में प्रो. सीमा अवस्थी ने सहयोग के लिए हॉस्पिटल निदेशक श्री विपिन जैन का शुक्रिया अदा किया। एंकरिंग अपूर्वा और प्रियल जैन ने की।

रिद्धि – सिद्धि भवन में सम्मेद शिखर जी से आए पंडित श्री रिषभ जैन ने विधि विधान से श्रावक और श्राविकाओं को विनयपाठ, देवशास्त्र गुरू पूजन, पंच परमेष्ठी पूजन, सोलहकारण, पंच मेरु, समुच्चय चौबीसी और दसलक्षण पर्व कराया। श्रावक धोती, दुप्पटे और श्राविकाएं सफेद सलवार – कुर्ता और केसरिया चुनरी पहने पूजा के रंग में रंगे नजर आए। उत्तम शौच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सम्मेद शिखर जी से आए प्रतिष्ठाचार्य श्री ऋषभ जैन बोले, हमें सभी के प्रति निर्मल भाव रखना चाहिए और जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य – मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ प्रसन्न मन से पूजन अर्चन कर ईश की स्तुति करनी चाहिए। हमें बुरे विचारों और कर्मो का क्षय कर आत्मज्ञान की ओर अग्रसर होने चाहिए। उन्होंने नियम दिया कि आज किसी भी बात का लोभ नहीं करना है।

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